इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि व्हाट्सअप किसी विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने वाले मैसेज भेजना अब अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसा कोई भी संदेश जो धर्म के आधार पर घृणा दुश्मनी या दुर्भावना फैलाता हो, वो भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 दो के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। दरअसल अफाक अहमद नाम के शख्स ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। शख्स पर WhatsApp पर कई लोगों को भड़काऊ मैसेज भेजने का आरोप है।
/ Mar 13, 2026
Trending



